1. क्या है पूरा प्रशासनिक और सियासी विवाद?बिहार विधानसभा में ध्यानाकर्षण के दौरान बीजेपी विधायकों ने पुरजोर तरीके से यह मुद्दा उठाया कि साल 1931 की जनगणना से लेकर तमाम पुराने भू-राजस्व अभिलेखों, जिला गजेटियर और शासकीय दस्तावेजों में जाति का नाम 'भूमिहार-ब्राह्मण' दर्ज है। विधायकों का कहना था कि वर्तमान सरकार की जाति सूची और जाति प्रमाण पत्रों में अचानक से सिर्फ 'भूमिहार' लिखे जाने से कागजों में भारी विसंगति पैदा हो गई है। 2. सरकार का दो-पार्ट जवाब: "सिर्फ 'भूमिहार' नाम ही सही"सरकार की तरफ से पक्ष रखते हुए उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने साफ कर दिया कि उच्च जाति आयोग के प्रावधानों और सामान्य प्रशासन विभाग के नियमों के मुताबिक सरकारी सूची में सिर्फ 'भूमिहार' नाम ही दर्ज है। सरकार ने दोटूक कहा कि 'भूमिहार-ब्राह्मण' लिखने से प्रशासनिक स्तर पर कन्फ्यूजन पैदा हो सकता है, इसलिए फिलहाल नाम में बदलाव को लेकर सरकार किसी भी जल्दबाजी में नहीं है।3. सदन में आया नया ट्विस्ट: जब विधायक ने मांग लिया ST का दर्जाडिप्टी सीएम के इस दोटूक जवाब के बाद सदन का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सुगबुगाहट तेज हो गई। इसी बीच, तरारी से बीजेपी विधायक विशाल प्रशांत अपनी सीट पर खड़े हुए और सरकार को आईना दिखाते हुए बेहद तीखे अंदाज में तंज कसा। उन्होंने सदन के भीतर अध्यक्ष और सरकार से मुखातिब होते हुए कहा—"सर, जैसा माननीय मंत्री जी का जवाब आया है... तो हमारा सरकार से निवेदन है कि सर, हमलोगों की स्थिति की जांच कराई जाए और हमलोगों को सीधे शेड्यूल ट्राइब (ST) की सूची में ही क्यों न डाल दिया जाए!" 4. सियासत में गरमाया आरक्षण और पहचान का मुद्दाविशाल प्रशांत के इस तीखे कटाक्ष के बाद विधानसभा का माहौल पूरी तरह गर्मा गया। एक तरफ जहां अधिकारी इसे कागजी और प्रशासनिक औपचारिकता बता रहे हैं, वहीं विधायकों के इस तेवर ने साफ कर दिया है कि बिहार की राजनीति में जातीय पहचान, खतियान और आरक्षण के मुद्दे पर आने वाले दिनों में भूचाल आना तय है।
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बिहार विधानसभा में गजब ड्रामा! 'भूमिहार-ब्राह्मण' नाम पर भड़के विधायक विशाल प्रशांत, तंज कसते हुए बोले- 'हुजूर, हमलोगों को शेड्यूल ट्राइब में ही डाल दीजिए
बिहार विधानसभा के सत्र के दौरान जाति के नाम को लेकर एक ऐसा सियासी बवंडर उठा कि हर कोई देखता रह गया। जब सरकार की तरफ से यह दलील दी गई कि सरकारी दस्तावेजों में 'भूमिहार-ब्राह्मण' की जगह सिर्फ 'भूमिहार' लिखना ही वैध है और पूरा नाम लिखने से भ्रम फैलता है, तो तरारी से बीजेपी विधायक विशाल प्रशांत का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सदन में ऐसा करारा और तीखा तंज कसा कि सब सन्न रह गए— "हुजूर, अगर भ्रम होता है तो हमलोगों को सीधे शेड्यूल ट्राइब (ST) की सूची में ही शामिल कर दीजिए
27 July 2026 at 6:28 pmBihar21 views0 comments
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Community•BhumiharBrahmin Editorial Team
बिहार विधानसभा में गूंजा 'भूमिहार-ब्राह्मण' नाम का मुद्दा, विधायक के एक तंज से गरमा गया सदन
ध्यानाकर्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि अगड़ी जातियों की सूची में साफ-साफ 'भूमिहार' दर्ज है, इसलिए 'भूमिहार-ब्राह्मण' लिखना उचित नहीं होगा
27 Jul 2026Bihar290
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