भारत का राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के सबसे प्रभावशाली राष्ट्रीय प्रतीकों में से एक रहा है। इसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने रचा था। प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक विवरण के अनुसार इसकी रचना 1875 में हुई और बाद में 1882 के उपन्यास आनंदमठ में इसे शामिल किया गया।
2026 में गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय गीत के आधिकारिक स्वरूप को लेकर विस्तृत आदेश जारी किए। वर्तमान आधिकारिक संस्करण में सभी छह अंतरे शामिल हैं और इसकी निर्धारित अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड है।
Vande Mataram Full Song in Hindi – वंदे मातरम् पूरा गीत
नीचे गृह मंत्रालय द्वारा 2026 में जारी आधिकारिक छह-अंतरे वाले संस्करण का देवनागरी रूप दिया गया है।
पहला अंतरा
वन्दे मातरम्!
सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्,
शस्यश्यामलां मातरम्!
वन्दे मातरम्!
दूसरा अंतरा
शुभ्रज्योत्स्ना-पुलकित-यामिनीम्,
फुल्लकुसुमित-द्रुमदलशोभिनीम्,
सुहासिनीं सुमधुर-भाषिणीम्,
सुखदां वरदां मातरम्!
वन्दे मातरम्!
तीसरा अंतरा
कोटि-कोटि-कण्ठ-कलकल-निनाद-कराले,
कोटि-कोटि-भुजैर्धृत-खरकरवाले,
के बोले मा तुमि अबले!
बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीं,
रिपुदलवारिणीं मातरम्!
वन्दे मातरम्!
चौथा अंतरा
तुमि विद्या, तुमि धर्म,
तुमि हृदि, तुमि मर्म,
त्वं हि प्राणाः शरीरे!
बाहुते तुमि मा शक्ति,
हृदये तुमि मा भक्ति,
तोमारई प्रतिमा गढ़ि मन्दिरे-मन्दिरे।
वन्दे मातरम्!
पांचवां अंतरा
त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी,
कमला कमलदलविहारिणी,
वाणी विद्यादायिनी,
नमामि त्वाम्!
नमामि कमलाम् अमलाम् अतुलाम्,
सुजलां सुफलां मातरम्!
वन्दे मातरम्!
छठा अंतरा
श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषिताम्,
धरणीं भरणीं मातरम्!
वन्दे मातरम्!
वंदे मातरम् का आसान हिंदी अर्थ
“वंदे मातरम्” का सरल भाव है—“हे मातृभूमि, मैं तुम्हें प्रणाम करता हूं।”
लेकिन पूरे गीत का भाव केवल इतना ही नहीं है। बंकिम चंद्र ने भारतभूमि को जल, अन्न, हरियाली, ज्ञान, शक्ति, समृद्धि और मातृत्व के रूप में चित्रित किया है।
पहले अंतरे का अर्थ
भारत ऐसी मातृभूमि है जो जल से समृद्ध है, फल और अन्न देती है, जिसकी हवा शीतल है और जिसकी धरती हरी-भरी फसलों से सजी है।
कवि ऐसी मातृभूमि को प्रणाम करता है।
दूसरे अंतरे का अर्थ
चांदनी से प्रकाशित रात, फूलों से लदे वृक्ष, मधुर मुस्कान और मधुर भाषा—इन सबके माध्यम से मातृभूमि की सुंदरता का वर्णन किया गया है।
मां सुख देने वाली भी है और वरदान देने वाली भी।
तीसरे अंतरे का अर्थ
यहां भारत की जनता की सामूहिक शक्ति का वर्णन है।
करोड़ों कंठों की आवाज और करोड़ों भुजाओं की शक्ति के माध्यम से कवि पूछता है—इतनी शक्ति रखने वाली माता को निर्बल कौन कह सकता है?
चौथे अंतरे का अर्थ
कवि कहता है कि मातृभूमि ही ज्ञान है, धर्म है, हृदय की भावना है और जीवन का आधार है।
हमारी भुजाओं की शक्ति और हृदय की भक्ति भी उसी से आती है।
पांचवें अंतरे का अर्थ
इस अंतरे में मातृभूमि को अलग-अलग प्रतीकात्मक शक्तियों के रूप में प्रस्तुत किया गया है—शक्ति, समृद्धि और विद्या।
इसका भाव है कि भारत केवल भूमि का टुकड़ा नहीं बल्कि ज्ञान, शक्ति और समृद्धि देने वाली माता है।
छठे अंतरे का अर्थ
अंतिम अंतरा फिर मातृभूमि की सुंदरता, सरलता और पालन-पोषण करने वाली प्रकृति को प्रणाम करता है।
वंदे मातरम् किसने लिखा?
वंदे मातरम् के लेखक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय थे।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार इसकी रचना 1875 में हुई और इसे बाद में 1882 में प्रकाशित आनंदमठ में शामिल किया गया।
यही कारण है कि 2025-26 में देशभर में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। संसद में भी दिसंबर 2025 में इसकी 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा हुई थी।
वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन का नारा कैसे बना?
1905 में बंगाल विभाजन के खिलाफ चले स्वदेशी आंदोलन के समय वंदे मातरम् एक व्यापक राष्ट्रीय उद्घोष बन गया।
प्रधानमंत्री द्वारा दिसंबर 2025 में लोकसभा में दिए गए ऐतिहासिक विवरण में भी बताया गया कि बंगाल विभाजन के समय वंदे मातरम् सड़कों और आंदोलनों में प्रतिरोध की आवाज बना। ब्रिटिश शासन ने इसके सार्वजनिक गायन और प्रकाशन पर कई स्थानों पर कार्रवाई की।
खुदीराम बोस, मदनलाल ढींगरा, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान, रोशन सिंह और अनेक क्रांतिकारियों के स्वतंत्रता संघर्ष के संदर्भ में भी वंदे मातरम् का उल्लेख मिलता है।
इसलिए वंदे मातरम् को किसी एक क्षेत्र, धर्म या समुदाय का गीत मानना इसके ऐतिहासिक स्वरूप को छोटा करना होगा। यह स्वतंत्रता आंदोलन में व्यापक राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बन चुका था।
Vande Mataram में कितने अंतरे हैं?
2026 में गृह मंत्रालय द्वारा जारी official version में छह अंतरे हैं। इसकी पूरी निर्धारित अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड बताई गई है।
यह जानकारी आज खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि इंटरनेट पर कई जगह केवल शुरुआती भाग को ही “पूरा वंदे मातरम्” बताकर प्रकाशित किया गया है।
अगर कोई “Vande Mataram full song”, “complete Vande Mataram lyrics” या “वंदे मातरम् के छह अंतरे” खोज रहा है, तो वर्तमान सरकारी protocol के अनुसार official version छह अंतरों का है।
वंदे मातरम् गाते समय क्या नियम हैं?
गृह मंत्रालय के 2026 protocol के अनुसार जब राष्ट्रीय गीत का आधिकारिक संस्करण गाया या बजाया जाए तो उपस्थित लोगों को सम्मानपूर्वक खड़े रहना चाहिए।
सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में इसके उपयोग के लिए अलग-अलग अवसर भी निर्धारित किए गए हैं।
सबसे रोचक नियम यह है कि यदि किसी कार्यक्रम में वंदे मातरम् और राष्ट्रगान दोनों गाए या बजाए जाने हों, तो पहले वंदे मातरम् और उसके बाद राष्ट्रगान बजाया जाएगा।
वंदे मातरम् और जन गण मन में क्या अंतर है?
वंदे मातरम् भारत का National Song यानी राष्ट्रीय गीत है।
जन गण मन भारत का National Anthem यानी राष्ट्रगान है।
दोनों का भारतीय राष्ट्रीय जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन दोनों अलग रचनाएं हैं।
वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय थे, जबकि जन गण मन की रचना रवीन्द्रनाथ टैगोर ने की थी।
2026 में सरकार ने वंदे मातरम् के सम्मान और rendition को लेकर अलग विस्तृत protocol भी जारी किया।
2026 में Vande Mataram फिर चर्चा में क्यों आया?
इसके तीन बड़े कारण हैं।
पहला, वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूरे होने का राष्ट्रीय आयोजन।
दूसरा, सभी छह अंतरों वाले official version को लेकर फरवरी 2026 में विस्तृत सरकारी protocol।
तीसरा, जुलाई 2026 में संसद द्वारा राष्ट्रीय सम्मान से संबंधित कानून में वंदे मातरम् को कानूनी संरक्षण देने वाला संशोधन पारित किया जाना। लोकसभा ने 30 जुलाई को यह विधेयक ध्वनिमत से पारित किया था।
13 अगस्त 2026 को लोकसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन सदन की शुरुआत वंदे मातरम् के सभी छह अंतरों से हुई। सांसद खड़े रहे और पूरा rendition लगभग 3 मिनट 10 सेकंड चला।
इस कारण “Vande Mataram full song”, “Vande Mataram 6 stanzas” और “वंदे मातरम् पूरा गीत हिंदी में” जैसे प्रश्न फिर बड़े पैमाने पर चर्चा में आए हैं।
FAQ
Vande Mataram full song में कितने stanzas हैं?
2026 के गृह मंत्रालय के official version में 6 stanzas यानी छह अंतरे हैं।
वंदे मातरम् पूरा गाने में कितना समय लगता है?
Official full version की अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड है।
Vande Mataram किसने लिखा?
वंदे मातरम् की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की।
वंदे मातरम् कब लिखा गया?
सरकारी ऐतिहासिक विवरण के अनुसार इसकी रचना 1875 में हुई और 1882 के आनंदमठ में इसे शामिल किया गया।
Vande Mataram का अर्थ क्या है?
सरल अर्थ है—“माता, मैं तुम्हें प्रणाम करता हूं” या भावार्थ में “हे मातृभूमि, तुम्हें नमन।”
क्या Vande Mataram भारत का National Anthem है?
नहीं। वंदे मातरम् राष्ट्रीय गीत है। भारत का राष्ट्रगान जन गण मन है।
वंदे मातरम् और राष्ट्रगान साथ बजें तो पहले क्या होगा?
2026 के गृह मंत्रालय के protocol के अनुसार पहले वंदे मातरम्, उसके बाद राष्ट्रीय गान बजाया या गाया जाएगा।
निष्कर्ष
वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं बल्कि भारत के स्वतंत्रता संघर्ष, मातृभूमि के सम्मान और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ी ऐतिहासिक रचना है।
2026 में छह अंतरों के official version और उसके नए protocol के बाद वंदे मातरम् को जानने की नई पीढ़ी की रुचि बढ़ी है।

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